सामाजिक उद्देश्य:

  1. बिन्द समाज विकास परिषद का मूल उद्देश्य बिन्द जाति से जुड़े केवट, बेलदार, साहनी, महतो, कोली, कश्यप, मांझी, निषाद एवं बिन्द स्वाजातीय बन्धुओं को एक मंच पर लाकर तन, मन, धन से एक मजबूत संगठन का निर्माण करना और आपस में रोजी, रोटी, बेटी का रिश्ता बनाना आदि।
  2. समाज में जागरूकता एवं विकास के लिए समय-समय पर शैक्षणिक, व्यवसायिक, सांस्कृतिक, परिचय सम्मेलन परिवार मिलन समारोह, सामूहिक विवाह कराना व प्रमाण पत्र जारी करना, स्थापना दिवस, होली व दिवाली, महापुरुषों की जयन्ती/स्मृति दिवस पर्यटन, मनोरंजन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन करना आदि।
  3. समाज के लोगों के सहयोग से एवं सामाजिक गैर सामाजिक संस्थाओं, सरकारी, गैर सरकारी और अन्य माध्यम से धन एकत्रित करके संघ और समाज का विकास करना आदि ।
  4. बिन्द समाज विकास परिषद को सुचारू रूप से चलाने हेतु समाज के उद्योगपति, उच्च शिक्षा, सामाजिक एव राजनैतिक आदि लोगों का सहयोग/ सुझाव प्रार्थनीय व अपेक्षित है।
  5. समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के हेतु प्रवचन, सेमिनार, अन्य कार्यक्रम आदि का आयोजन करना।
  6. धर्म के प्रति फैली हुयी भ्रान्तियों को दूर करना और शुद्ध धर्म का वैज्ञानिक आधार पर प्रचार-प्रसार करना।
  7. विपश्यना विद्या का प्रसार-प्रसार करना।
  8. सेन्टर फॉर पब्लिक अवेयरनेस एण्ड इन्फॉरमेशन की गतिविधियों को संचालित करना और इसके द्वारा समाज के लोगों को जागरूक करना।
  9. मानवीय करूणा, प्रेम और मैत्री का प्रसार करना।
  10. कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिये बेटी बचाओं अभियान व लिंग परीक्षण विरोध अभियान को आगे बढ़ाना। इसके लिए सामाजिक जागरूकता हेतु साहित्य, पुस्तके, विडियो कैसेट्स, सी0डी0, डी0वी0डी0 का निर्माण एवं वितरण करना। इस हेतु प्रवचन, सेमिनार, अन्य कार्यक्रम आदि का आयोजन करना।
  11. सामाजिक उत्थान के लिए तत्कालीन समय अनुसार कार्य करना ।
  12. महिलाओं को शिक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूक करना ।
  13. विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं की आर्थिक सहायता करना व उनके जीविकोपार्जन के लिए लघु एवं कुटीर उद्योगो की स्थापना करना ।
  14. ऐसे जरूतमंद व्यक्तियों जो अक्षम, विकलांग है, मानसिक या शारीरिक रूप से कमजोर हैं या निर्धन वर्ग के है उनके उत्थान व जीविकोपार्जन के लिये आर्थिक सहायता करना एवं उनके जीविकोपार्जन लघु एवं कुटीर उद्योगो की स्थापना करना।
  15. निर्धन छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने के लिये छात्रवृत्ति देना व उनकी शिक्षा की व्यवस्था करना तथा समय-समय पर पुरष्कृत कर प्रोत्साहन देना।
  16. समाज के वृद्धजनों की सेवा के कार्य करना।
  17. रोग पीड़ितों को चिकित्सा सुविधा में मदद करना।
  18. मुद्रण, प्रकाशन, वितरण एवं संचार के माध्यमों से देशवासियों को जागृति लाना, जिसमें मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य (वैकल्पिक चिकित्सा), गरीबी उन्मूलन एवं असहाय की सहायतार्थ कार्य करवाना।
  19. उपभोगता संरक्षण तथा उपभोक्ता हितों की रक्षार्थ कार्यक्रमों का संचालन उसके सन्दर्भ में कार्यक्रमों का आयोजन एवं प्रकाशन, टी0वी0, सिरियल एवं इंटरनेट समाचार बुलेटिन आदि का प्रसारण करना।
  20. महिला हिंसा की समाप्ति हेतु हर सम्भव कार्य करना, समाज के पीड़ित/ उत्पीड़ित महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों एवं स्वास्थ्य, पोषण, क्रीड़ा, सुधार/संरक्षण गृह की स्थापना करना तथा उनको सशक्त बनाने हेतु परिवार, महिला एवं बाल विकास से सम्बन्धित कल्याणकारी कार्यक्रमों का जनहित में संचालन करना।
  21. ट्रस्ट द्वारा समाज के सर्वांगीण विकास के क्रम में आर्थिक तथा सामाजिक दृष्टि से पिछड़े व कमजोर वर्गो के व्यक्तियों, विकलांगों, विधवाओं, परित्यक्ताओं, बाल व वृद्धों के कल्याण हेतु विविध कार्यक्रमों का संचालन करना। फुटपाथ तथा झुग्गी, झोपड़ियों के निवासियों, दुकानदारों, गृहविहिनों व भूमिहीनो की समस्या का समाधान करना।
  22. अन्धविश्वास, नशाखोरी तथा नशिली दवाओं का सेवन करने वालों को उससे निजात दिलान हेतु कार्य करना। सरकार के कार्यक्रमों को क्रियान्वित करना, योजनाओं एवं लाभार्थियों के बीच सेतू का कार्य