अभी देश में पांच राज्यों गुजरात, नागालैंड, मिजोरम, केरल और मणिपुर तथा केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में कानूनन शराबबंदी लागू है। केवल सरकारों के द्वारा नियम बनाने से यह बुराई समाप्त नहीं हो सकती। शराब तथा अन्य मादक पदार्थो से उत्पन्न होने वाली बुराइयों से निपटने के लिए जागरूकता का प्रसार-प्रचार करना आवश्यक है। अतः भारत विकास परिषद् ने नशा मुक्ति को एक राष्ट्रीय प्रकल्प के रूप में अपनी 1350 से अधिक शाखाओं के माध्यम से राष्ट्र जागरण के लिए अपनाया है | शाखाऐं विभिन्य कार्यक्रमों (झांकी, वाद-विवाद प्रतियोगिता या पेंटिंग प्रदर्शनी) के द्वारा समाज में चेतना जगाने के कार्य में संलग्न हैं |