छात्र-छात्राओं को पूर्व प्राथमिक, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, सीनियर उच्च माध्यमिक और उत्तर शिक्षा के लिये कालेज शिक्षा प्रदान करना, विद्यालय एवं उसका सुचारू रूप से संचालन करना एवं उनका रख-रखाव करना।
विभिन्न स्तरों पर खेल एवं खिलाड़ियों के विकास के लिये प्रतियोगितायें और प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करना।
छात्र-छात्राओं को कम्प्यूटर/इंजीनियरिंग/आयुर्वेद एवं चिकित्सा अनुसंधान की व्यवस्था करना।
छात्र-छात्राओं के लिये चिकित्सा की शाखाओं में अनुसंधान हेतु बहुउद्देशीय एवं बहुस्तरीय योजना तैयार कर क्रियान्वित करना ।
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के अन्तर्गत प्रशिक्षण । विभिन्न विषयों में प्रशिक्षण संस्थाओं का इन्तजाम करना और प्रबन्ध करना।
चिकित्सा और शिक्षा से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर या विधाओं पर अनुसंधान करवाना।
संस्कृत एवं संगीत विद्यालय तथा पुस्तकालय, वाचनालय एवं शिक्षा विस्तार केन्द्रों की स्थापना के साथ राष्ट्र भाषा हिन्दी, देववाणी संस्कृत एवं वैदिक तथा प्राचीन भारतीय संस्कृति के उत्थान, प्रचार-प्रसार हेतु कार्य करना। घुमन्तु बच्चों व बाल श्रमिकों के शिक्षण-प्रशिक्षण का कार्य करना।
ट्रस्ट महिलाओं एवं बच्चों को सामाजिक स्तर उठाने एवं उनके सर्वांगीण विकास के दृष्टिगत विभिन्न प्रकार के स्वरोजगार जैसे हस्तशिल्प एवं तकनीकी विकास के प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना करना।
तत्कालिक युग को मध्य नजर रहकर शैक्षिणिक उद्देश्यों को बढ़ाया जा सकता है और तत्कालिक युग में प्रचलित शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा प्रारम्भ कर संचालित की जा सकती है।
ऐसी अन्य व्यवस्थायें कार्य एवं क्रियाकलाप करना जो आवश्यक हो और ट्रस्ट के शैक्षणिक एवं सामाजिक उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक हो, को क्रियान्वित करना।
उपरोक्त शैक्षणिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये व्यवसायिक शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों मेंअधिक से अधिक छात्र/छात्राओं को सफल होने के लिये विभिन्न कोचिंग कक्षाओं की व्यवस्था करना।
आयुर्वेद एवं चिकित्सा विज्ञान के विभिन्न विभागों में शोध कार्य करवाना।
एलोपैथी के अलावा अन्य वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के विकास के लिये कार्य एवं अनुसंधान के लिये अस्पताल एवं शिक्षण कार्य के लिये विद्यालय आदि खोलना।